Tuesday, 16 January 2018

बाधा निवारण

आज के ईस युग मे हरेक आदमी किसी न किसी तरह की बाधा से पीड़ित है चाहे वह शरीरिक आर्थिक या मानसिक

कैसे करें बाधा निवारण :-
१ :- प्रत्येक प्रकार के संकट निवारण के लिये भगवान गणेश की मूर्ति पर कम से कम 21 दिन तक थोड़ी-थोड़ी जावित्री चढ़ावे और रात को सोते समय थोड़ी जावित्री खाकर सोवे। यह प्रयोग 21, 42, 64 या 84 दिनों तक करें।
२ :- रूके हुए कार्यों की सिद्धि के लिए यह प्रयोग बहुत ही लाभदायक है। गणेश चतुर्थी को गणेश जी का ऐसा चित्र घर या दुकान पर लगाएं, जिसमें उनकी सूंड दायीं ओर मुड़ी हुई हो। इसकी आराधना करें। इसके आगे लौंग तथा सुपारी रखें। जब भी कहीं काम पर जाना हो, तो एक लौंग तथा सुपारी को साथ ले कर जाएं, तो काम सिद्ध होगा। लौंग को चूसें तथा सुपारी को वापस ला कर गणेश जी के आगे रख दें तथा जाते हुए कहें `जय गणेश काटो कलेश´।
३ :- किसी के प्रत्येक शुभ कार्य में बाधा आती हो या विलम्ब होता हो तो रविवार को भैरों जी के मंदिर में सिंदूर का चोला चढ़ा कर “बटुक भैरव स्तोत्र´´ का एक पाठ कर के गौ, कौओं और काले कुत्तों को उनकी रूचि का पदार्थ खिलाना चाहिए। ऐसा वर्ष में 4-5 बार करने से कार्य बाधाएं नष्ट हो जाएंगी।
४ :- सिन्दूर लगे हनुमान जी की मूर्ति का सिन्दूर लेकर सीता जी के चरणों में लगाएँ। फिर माता सीता से एक श्वास में अपनी कामना निवेदित कर भक्ति पूर्वक प्रणाम कर वापस आ जाएँ। इस प्रकार कुछ दिन करने पर सभी प्रकार की बाधाओं का निवारण होता है।
५ :- किसी शनिवार को, यदि उस दिन `सर्वार्थ सिद्धि योग’ हो तो अति उत्तम सांयकाल अपनी लम्बाई के बराबर लाल रेशमी सूत नाप लें। फिर एक पत्ता बरगद का तोड़ें। उसे स्वच्छ जल से धोकर पोंछ लें। तब पत्ते पर अपनी कामना रुपी नापा हुआ लाल रेशमी सूत लपेट दें और पत्ते को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रयोग से सभी प्रकार की बाधाएँ दूर होती हैं और कामनाओं की पूर्ति होती है।
६ :- अक्सर सुनने में आता है कि घर में कमाई तो बहुत है, किन्तु पैसा नहीं टिकता, तो यह प्रयोग करें। जब आटा पिसवाने जाते हैं तो उससे पहले थोड़े से गेंहू में 11 पत्ते तुलसी तथा 2 दाने केसर के डाल कर मिला लें तथा अब इसको बाकी गेंहू में मिला कर पिसवा लें। यह क्रिया सोमवार और शनिवार को करें। फिर घर में धन की कमी नहीं रहेगी।
७ :- आटा पिसते समय उसमें 100 ग्राम काले चने भी पिसने के लियें डाल दिया करें तथा केवल शनिवार को ही आटा पिसवाने का नियम बना लें। शनिवार को खाने में किसी भी रूप में काला चना अवश्य ले लिया करें।
८ :- संध्या समय सोना, पढ़ना और भोजन करना निषिद्ध है। सोने से पूर्व पैरों को ठंडे पानी से धोना चाहिए, किन्तु गीले पैर नहीं सोना चाहिए। इससे धन का क्षय होता है।
९ :- रात्रि में चावल, दही और सत्तू का सेवन करने से लक्ष्मी का निरादर होता है। अत: समृद्धि चाहने वालों को तथा जिन व्यक्तियों को आर्थिक कष्ट रहते हों, उन्हें इनका सेवन रात्रि भोज में नहीं करना चाहिये।
१० :- भोजन सदैव पूर्व या उत्तर की ओर मुख कर के करना चाहिए। संभव हो तो रसोईघर में ही बैठकर भोजन करें इससे राहु शांत होता है। जूते पहने हुए कभी भोजन नहीं करना चाहिए।
११ :- सुबह कुल्ला किए बिना पानी या चाय न पीएं। जूठे हाथों से या पैरों से कभी गौ, ब्राह्मण तथा अग्नि का स्पर्श न करें।
१२ :- घर में देवी-देवताओं पर चढ़ाये गये फूल या हार के सूख जाने पर भी उन्हें घर में रखना अलाभकारी होता है।
१३ :- अपने घर में पवित्र नदियों का जल संग्रह कर के रखना चाहिए। इसे घर के ईशान कोण में रखने से अधिक लाभ होता है।

तिल के निशान से जाने किसी भी पुरूष यां औरत के बारे में......


शरीर पर जन्म से जो काले-काले, छोटे-छोटे निशान होते हैं, उन्हें ही तिल कहा जाता है। इन तिलों का हमारे स्वभाव और भविष्य पर सीधा असर पड़ता है। ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति के तिलों और तिल के स्थान को देखकर उसके जीवन के संबंध में काफी कुछ मालूम किया जा सकता है।

** दोनों के भौंहों के ठीक बीच में तिल होने
पर व्यक्ति बहुत बुद्धिमान होता है। ये लोग
अपनी बुद्धि के बल पर ही कार्यों में
सफलता और पैसा प्राप्त करते हैं।
** यदि किसी व्यक्ति के सीधे हाथ
की ओर वाली आंख के कोने पर तिल है
तो वह बहुत भावुक होता है। ऐसे तिल वाले लोग दूसरे से जलन
रखने वाले भी हो सकते हैं।
** जिन लोगों की सीधी आंख
की पलक पर तिल होता है, वे बौद्धिक क्षमता के
मामलों में अन्य लोगों से काफी आगे होते हैं।
इनको बुद्धि से संबंधित कार्य करने में काफी आनंद
मिलता है।

**जिन लोगों की सीधी आंख
के नीचे तिल होता है, वे बहुत कामुक होते हैं। ये
लोग प्रेम के मामले में दूसरों से अधिक भावुक होते हैं। इसके साथ
ही, इन्हें दूसरों की मदद
करना भी बहुत अच्छा लगता है।

 **जिन लोगों की सीधी आंख
5.के नीचे और नाक के पास तिल होता है, वे स्वभाव से
थोड़े रहस्यमयी होते हैं। इन्हें
समझना काफी मुश्किल होता है।

**यदि किसी व्यक्ति की नाक के प्रारंभिक
स्थान पर ठीक बीच में तिल हो तो ऐसे लोग
कल्पनाशील होते हैं। ये लोग
किसी भी कार्य को रचनात्मक ढंग से
करना पसंद करते हैं।

**जिन लोगों के बाएं हाथ की ओर
वाली आंख के नीचे और नाक के पास तिल
होता है, वे दूसरे लोगों से जलन रखने वाले हो सकते हैं। ऐसे लोग
स्वयं के विषय में अधिक सोचते हैं।

**यदि किसी व्यक्ति की बाईं आंख
की ओर ठीक नीचे तिल
हो तो ऐसे लोग वासनात्मक स्वभाव के होते हैं। इनके वैवाहिक
जीवन में विभिन्न अनुभव होते हैं।

**जिन लोगों की बाएं हाथ की ओर
की आंख के कोने के पास तिल हो तो व्यक्ति अपने
प्रेम के लिए लड़ाई-झगड़ा करने वाला होता है। ये लोग अपने प्रेम
पात्र को पाने के लिए कोई अपराध भी कर सकते हैं।

**यदि किसी व्यक्ति की बाईं आंख
की पलक पर तिल है तो समझ लेना चाहिए कि वह
दिमाग से बहुत तेज है। ऐसे लोग अच्छे कूटनीतिकार
होते हैं। कूटनीति के कारण कई मुश्किल कार्यों में
सफलता प्राप्त कर लेते हैं।

** यदि किसी व्यक्ति की नाक पर तिल
है तो वह अधिक यात्राएं करना वाला होता है और ऐसे लोग के
प्रेम संबंध में कुछ
परेशानियां भी हो सकती हैं।

**जिन लोगों के सीधे हाथ की ओर वाले
गाल की हड्डी पर तिल होता है, वे
भावुक होते हैं। भावनाओं के कारण
किसी परेशानी में फंस सकते हैं।

**सीधे हाथ की ओर वाले गाल पर तिल
हो तो व्यक्ति कामुक अधिक होता है। कई बार इनका झगड़ा अपने
प्रेमी या जीवन साथी से
हो जाता है।

**सीधे हाथ की ओर
ही नाक के ठीक नीचे तिल
हो तो व्यक्ति उच्च विचारों वाला होता है। ऐसे लोग
रहस्यमयी होते हैं और अपने राज
किसी पर जाहिर नहीं होने देते हैं।
इनका भाग्य उत्तम होता है।

**यदि किसी व्यक्ति की नाक के मध्य में
ठीक नीचे तिल हो तो ऐसे लोग
आजादी से जीना पसंद करते हैं। ऐसे
लोगों को यात्राएं बहुत अच्छी लगती हैं।

** जिन लोगों के होंठ के ठीक ऊपर बाएं हाथ
की ओर तिल हो तो वे अपनी संतान से
बहुत प्रेम करने वाले होते हैं। इनकी उदारता के
कारण घर-परिवार में सुख और समृद्धि का वातावरण रहता है। ये
विश्वासपात्र भी होते हैं।

** यदि किसी व्यक्ति की नाक पर बाएं
ओर तिल हो तो वह कलात्मक तरीके से कार्य करने
वाला होता है। ऐसे लोग कई बार अपने कामों से दूसरों को चौंका देते
हैं। इनके कई प्रेम संबंध हो सकते हैं, लेकिन
शादी के बाद अपने जीवन
साथी के प्रति समर्पित रहते हैं।

** सीधे हाथ की ओर होंठ के
ठीक ऊपर तिल हो तो व्यक्ति अपने कार्य
को मौलिकता के साथ करता है। ये लोग बुद्धिमान होते हैं और
इनकी कल्पनाशक्ति भी उत्तम
होती है।

** यदि किसी व्यक्ति के सीधे हाथ
की ओर होंठ के कोने पर तिल
हो तो व्यक्ति प्रेमी स्वभाव का होता है।
जीवन साथी के प्रति समर्पित रहता है।
कभी-कभी इनके स्वभाव में
ईर्ष्या भी आ जाती है।

** जिन लोगों के बाएं हाथ की ओर गाल
की हड्डी पर कान के ठीक
पास में तिल होता है, उन्हें समझना बहुत मुश्किल है। ऐसे लोग
अच्छे योजनाकार होते हैं।

**जिन लोगों के बाएं हाथ की ओर गाल
की हड्डी पर कान से
थोड़ी दूरी पर तिल होता है।
उनकी बौद्धिक क्षमता उच्च होती है।
इन्हें एक जैसा जीवन पसंद
नहीं होता है। समय-समय पर जीवन में
बदलाव करना इन्हें पसंद होता है।

** बाएं हाथ की ओर होंठ के ठीक कोने
में तिल हो तो व्यक्ति ज्यादा कामुक होता है। कामुक स्वभाव के
कारण इन्हें जीवन में कई
परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।

**यदि किसी व्यक्ति की दाढ़ी (चिन)
पर बाएं हाथ की ओर तिल हो तो वह
व्यक्ति अध्यात्म और धर्म की ओर रुचि रखने
वाला होता है। ऐसे लोग भौतिक सुख-सुविधाओं की ओर
भी आकर्षित होते हैं।
**  होंठ के ठीक नीचे
की ओर तिल होने पर
व्यक्ति असुरक्षा की भाव के साथ जीने
वाला होता है। इन्हें सफलता प्राप्त करने में संदेह रहता है।
स्वास्थ्य के मामले में भी इन्हें सावधान रहना चाहिए।

** जिन लोगों की दाढ़ी (चिन) पर तिल
हो तो व्यक्ति परंपरावादी होता है। ऐसे लोग परिवार
को सुखी रखने का प्रयास करते हैं। अन्य लोगों से
इनके संबंध मधुर रहते हैं। वैसे तो ये लोग स्वभाव से शांत रहते
हैं, लेकिन कभी-कभी ये अधिक
क्रोधी भी होते हैं।
किसी भी कार्य को पूरी लगन
और ईमानदारी के साथ करते हैं।
ललाट पर तिल-ललाट के मध्य भाग में तिल निर्मल प्रेम
की निशानी है। ललाट के दाहिने तरफ
का तिल किसी विषय विशेष में निपुणता, किंतु
बायीं तरफ का तिल
फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है। ललाट
या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है
कि दायीं ओर का तिल धन के संबंध में शुभ और
बायीं तरफ का तिल शुभ नहीं है।